UP election 2022: छोटे दलों का बड़ा गठजोड़

सियासी सरगर्मी के बीच पारा हर दिन और ऊपर ही चढ़ता रहता है. इन सब के बीच जहां बड़े राजनीतिक दल सत्ता का दावा ठोकते हैं. वहीं छोटे-छोटे दल अपने समीकरणों के हिसाब से चुनाव में अपनी भागीदारी दिखाते हैं. अगर 2022 विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो इस बार छोटे दलों का महत्व काफी […]

Read More UP election 2022: छोटे दलों का बड़ा गठजोड़

#UPelection2022: सत्ता की रेस में कौन आगे, कौन पीछे

उत्तर प्रदेश में मौजूदा विधानसभा चुनाव के माहौल को अगर समझने की कोशिश करें तो बीजेपी सत्ता में बैठी हुई है लेकिन उसे भी कहीं ना कहीं अंदर डर सता रहा है कि शायद सरकार पलट सकती है. इसीलिए प्रधानमंत्री से लेकर बीजेपी के कई बड़े नेता उत्तर प्रदेश में टिके हुए हैं. हालांकि चुनाव […]

Read More #UPelection2022: सत्ता की रेस में कौन आगे, कौन पीछे

ट्वीट-ट्वीट, मैं-मैं

हुआ सवेरा ट्विटर खोली, सब यूजर्स ने राम राम बोली. दिन की शुरुआत ट्विटर पर कुछ ऐसे ही होती है। ज्ञान का अथाह सागर है, जिसमें कुछ लोग ज्ञान लेते रहते हैं और कुछ ज्ञानी ज्ञान देते रहते हैं। यह कारवां ऐसे ही चलता रहता, अगर ब्लू टिक नाम का बवंडर ना आया होता। अचानक […]

Read More ट्वीट-ट्वीट, मैं-मैं

आंखें हैं, तो गड़ाना पड़ेगा

आंख गड़ाने के लिए गिने चुने ऐप्स हैं, संख्या कम लग रही. भला हो इंस्टाग्राम रील्स का. कि समय, समय से कट जाता है. वरना सोचो आफत की बात है, 10 बजे सोकर उठे, फिर क्या किया जाए!ब्रश मंजन जल्दी हो जाता है, वाशरूम में भी एक गेम का समय लगता है. अब आगे क्या […]

Read More आंखें हैं, तो गड़ाना पड़ेगा

माँ #mother’s day

दिखने वालों को #maa में भगवान भी दिखता है.पर अपना प्यार इतना है किअगर बिना बात के जताने लगते हैं तो माँ कहती है क्या हुआ परेशान हो, कोई बात हो गई? हर समस्या का समाधान है माँ.बंजर जिंदगी में लहलहाती खुशी का अरमान है माँमाँ सहारा है, माँ किनारा हैमाँ उम्मीद है कि सब […]

Read More माँ #mother’s day

लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी

कहीं तो चूक हो रही है, कोरोना खतरनाक है इसमें कोई संदेह नहीं. पर कोरोना को रोकने की 100 प्रतिशत कोशिश जारी है, यह सवाल है ? जिंदगी क्या सच में इतनी सस्ती है, ये तो कोई नहीं जानता, जिस तरह से ऑक्सीजन से लेकर एंबुलेंस और दवाइयों की कालाबाजारी दिखाई दे रही, वह चिंता […]

Read More लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी

ऑक्सीजन: अंतिम आस तक

ऑक्सीजन की तलाश और आस लगातार जारी है. जिनके पास कुछ नहीं है, वह अपना सब कुछ जुटाकर सांसे खरीद रहे हैं. जिनके पास सब कुछ है, वह कितना कुछ भुलाकर वोट जुटा रहे हैं. जीवन इतना कठिन, सांस इतनी महंगी हो जाएगी. किसने सोचा था? हवाओं के बीच हंसते गाते लोग, सिलेंडर लादे लाइन […]

Read More ऑक्सीजन: अंतिम आस तक

मीडिया बीमार.. लो आ गया मुख्तार

मुख्तार अंसारी…. बाहुबली का नया ठिकाना यूपी इस लाइन में जितना जोर बाहुबली पर दिया जा रहा है। यह तथ्य कम, महिमामण्डन जाता लग रहा है। गाड़ी पलट न जाए, लगातार इस आशंका के बीच वह गाड़ी आगे बढ़ रही थी। वैसे मीडिया से बचाने के चक्कर में भी अनियंत्रित हो सकती है। भारतीय मीडिया […]

Read More मीडिया बीमार.. लो आ गया मुख्तार

खेला होबे या कोरोना… डर काहे का

भारत विविधताओं का देश है बचपन से पढ़ा था, देखने का अवसर भी मिल गया. उम्मीदों की गाड़ी झारखंड से स्टार्ट की, चलते चलते मोड़ कई आये पर ब्रेक नहीं लगा. पर अचानक एक चौराहे पर कुछ सुरक्षा और कानून व्यवस्था के जवानों ने दस्तक दी, कारण मेरी मुस्कुराहट नहीं थी. चेहरे पर न मास्क […]

Read More खेला होबे या कोरोना… डर काहे का

चुनाव के दिन, तेरे बिन

यह आखिरी दिन था चुनाव प्रचार का और हमारी मोहब्बत का भी। पिछले 6 महीने से हम एक दूसरे को बहुत पसंद कर रहे हैं। बिन कहे तारीफ हो रही है और बिन मांगे मुराद मिल रही है। थोड़े समय के लिए ही सही लेकिन यह मोहब्बत समाज के लिए मिसाल जैसी है। सोचो अगर […]

Read More चुनाव के दिन, तेरे बिन