Food

#food #hindipoetry #culture #taste कई रंग हैं, कई रूप हैं। कहीं छांव है , कहीं धूप है। पर स्वाद सबमे एक है,  चटकार सबमे एक है। हम खाने मे भाव जगाते हैं जो सबको कितना भाते हैं ।। कुछ तीखे हैं, कुछ फीके हैं। कुछ हैं थोड़े रसीले ,  रंगो मे काले पीले। ये वर्षों […]

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मां

#mother ,#love #family #poetry #hindi वो प्यार भरा , निवाला जो माँ खिलाती थी|खाने के लिए, हमको कितना बुलाती थी||वो भी क्या दिन थे यारोंथाली में पूरा परिवार सजाती थी|ये दादी का , वो दादा ,…देखते देखते सब चट कर जाते थे, पेट अपना भरता पर , माँ मुस्कुराती थी||खाना तो भी आज खाते है, माँ आज […]

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मै अक्सर गुस्सा हो जाता हूं

#anger #success #motivation #hindipoem #patience जब कुछ कर गुजरने की हिम्मत दिल मे आती है फिर लाख जतन करता हूं पर बात न बन पाती है। मै अक्सर गुस्सा हो जाता हूं जब राहों के काटों से ज्यादा फूल चुभे पावों मे गलती हम छुपाते रहें,  छोटे छोटे उपायों से।। जब आंखो का पानी  मुंह […]

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बढा कदम ,आगे निकल

#poetry, #success ,  वक्त की पुकार है, आंसुओं मे धार है चल रहा है कण कण , बदल रहा है पल पल। कदम बढ़ा ले आज तू , सर उठा ले आज तू। क्यूं कंपे हुए है हाथ , वक्त है अब तेरे साथ नही तुझे किसी का डर , बढा कदम आगे निकल।। जो […]

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