सुषमा स्वराज के देहांत से देश में शोक का माहौल/the death of Sushma Swaraj is big loss for us

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कहते हैं जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीना चाहिए। इन्हीं शर्तों पर जीते हुए पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी ने कई मुकाम हासिल किए। 67 साल की उम्र में उनका दिल की बीमारी के चलते देहांत हो गया। लेकिन उनका लंबा राजनीतिक सफर और कार्यकाल लोग हमेशा याद रखेंगे।

दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री

दिल्ली जैसे बड़े राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने अपनी काबिलियत को साबित किया। वह हरियाणा की सबसे युवा मंत्री भी थीं। 1998 के दशक में उन्होंने राजनीति में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया था। इसके पहले 1996 में वह केंद्रीय मंत्री के तौर पर सरकार में थी। उन्हें सूचना प्रसारण मंत्रालय सौंपा गया था।

अंबाला कैंट से बनी पहली बार विधायक

सुषमा स्वराज अंबाला कैंट से 1977 में पहली बार और 1979 में दूसरी बार विधायक बनी। राजनीति में इतना बड़ा मुकाम हासिल करना आसान नहीं होता। जहां भारतीय जनता पार्टी में कई बड़े चेहरे मौजूद थे। उनमें एक महिला के तौर पर सुषमा स्वराज जी ने अपना कद काफी बढ़ा लिया था।

मोदी सरकार में मिली बड़ी जिम्मेदारी

2014 में मोदी लहर आने के बाद भाजपा में अलग उत्साह था। मोदी कैबिनेट में सुषमा स्वराज को विदेश मंत्रालय सौंप कर बड़ा विश्वास जताया गया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भारत की विदेशी राजनीति को काफी मजबूत किया। विदेशों में फंसे किसी भी नागरिक को सिर्फ एक ट्वीट करने के साथ ही मदद पहुंच जाती थी। एक मंत्री के साथ साथ उन्होंने मानवता की भी अलग मिसाल पेश की।

ट्विटर पर कई बड़ी हस्तियों ने उनको नमन किया

सोशल मीडिया से लेकर दिल्ली तक लोगों ने सुषमा स्वराज जी को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। राजनीति के साथ-साथ फिल्मी जगत खेल जगत और विदेशियों के द्वारा भी उनके लिए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। एक राजनेता के साथ-साथ उन्होंने अपनी भारतीयता को भी संभाल कर रखा था। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बहन के तौर पर सुषमा स्वराज को याद किया।

The atmosphere of mourning in the country after the death of Sushma Swaraj

She died at the age of 67 due to heart disease. But her long political journey and tenure will always be remembered by the people. She proved her ability by becoming the first woman Chief Minister of a big state like Delhi. She was also the youngest minister of Haryana. In 1998, she achieved a major position in politics.

Sushma Swaraj became MLA from Ambala Cantt for the first time in 1977 and second time in 1979. In the Modi cabinet, a lot of confidence was expressed by handing over the Ministry of External Affairs to Sushma Swaraj.

From social media to Delhi, people paid tribute to Sushma Swaraj. Prime Minister Narendra Modi paid homage to her with moist eyes. Along with politics, film industry and foreigners also paid tribute to shushma swaraj ji.

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