ट्वीट-ट्वीट, मैं-मैं

हुआ सवेरा ट्विटर खोली, सब यूजर्स ने राम राम बोली. दिन की शुरुआत ट्विटर पर कुछ ऐसे ही होती है। ज्ञान का अथाह सागर है, जिसमें कुछ लोग ज्ञान लेते रहते हैं और कुछ ज्ञानी ज्ञान देते रहते हैं। यह कारवां ऐसे ही चलता रहता, अगर ब्लू टिक नाम का बवंडर ना आया होता। अचानक […]

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खेला होबे या कोरोना… डर काहे का

भारत विविधताओं का देश है बचपन से पढ़ा था, देखने का अवसर भी मिल गया. उम्मीदों की गाड़ी झारखंड से स्टार्ट की, चलते चलते मोड़ कई आये पर ब्रेक नहीं लगा. पर अचानक एक चौराहे पर कुछ सुरक्षा और कानून व्यवस्था के जवानों ने दस्तक दी, कारण मेरी मुस्कुराहट नहीं थी. चेहरे पर न मास्क […]

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चुनाव के दिन, तेरे बिन

यह आखिरी दिन था चुनाव प्रचार का और हमारी मोहब्बत का भी। पिछले 6 महीने से हम एक दूसरे को बहुत पसंद कर रहे हैं। बिन कहे तारीफ हो रही है और बिन मांगे मुराद मिल रही है। थोड़े समय के लिए ही सही लेकिन यह मोहब्बत समाज के लिए मिसाल जैसी है। सोचो अगर […]

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किसान हो, मजाक मत करो

“अच्छा, और वह गाड़ी किसकी है? यह कपड़े, चप्पल यह सब तुम्हारा ही है! किसान तो नहीं लगते तुम. रुको, अभी किसान दिखाता हूं.” साहब ने किसी को आवाज दी, उधर से धीरे-धीरे एक हाड मांस का शरीर आता दिखाई दिया. तन पर कपड़ों से ज्यादा चमड़ी लटक रही थी. पतला दुबला पैर और कमर […]

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जब तक है ON…1%

धीरे-धीरे फोन की बैट्री खत्म होने लगी थी, इसी के साथ-साथ सांसे भी बढ़ने लगी थी। आस पास कहीं भी लाइट का कोई सोर्स नज़र नहीं आ रहा था। सोचा था हम आधुनिक हो गये हैं, लेकिन शायद अभी भी बहुत कुछ अछूता है। खोजबीन के बीच इधर फोन की हालत काफी खराब होने लगी […]

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Tv debate recipe

पाकिस्तान, हिंदू मुस्लिम, विपक्ष जैसे मुद्दों को सबसे पहले बाजार से चुना जाता है. फिर उसमें थोड़ा कॉन्ट्रोवर्सी की बौछार की जाती है. एक पॉपुलर एंकर के हाथों इसे सजाया जाता है, कुछ अच्छे कंटेंट राइटर से भड़काऊ पंक्तियां और पंच लाइन लिखवाई जाती हैं. इन सब को एडिटिंग के तड़के के साथ थोड़ी देर […]

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मन की भड़ास

मनवा तो पंछी भया, उड़ि के चला आकाश… कबीर दास ने मन को पंछी बनकर उड़ा दो दिया, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि यह एक हवा का गुब्बारा बन फूट भी सकता है. मन के भीतर कई बार विचारों की अधिकता हो जाती है. उस समय आकाश में उड़ रहा मन का पंछी अपने […]

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चुनाव और कोरोना

जिस कोरोना वायरस के 500 से नीचे आंकड़े निकलने पर सब कुछ बंद करने की रणनीति बनने लगी थी। आज की तारीख में हर दिन लगभग 10000 मामले सामने आ रहे हैं, पर अब चेहरे पर शिकन नहीं है। सही बात है ज्यादा चिंता करना सिर के बाल और सर जी का हाल दोनों खराब […]

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