आंखें हैं, तो गड़ाना पड़ेगा

आंख गड़ाने के लिए गिने चुने ऐप्स हैं, संख्या कम लग रही. भला हो इंस्टाग्राम रील्स का. कि समय, समय से कट जाता है. वरना सोचो आफत की बात है, 10 बजे सोकर उठे, फिर क्या किया जाए!ब्रश मंजन जल्दी हो जाता है, वाशरूम में भी एक गेम का समय लगता है. अब आगे क्या […]

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Full of Distraction

चाय के गर्म प्याले के साथ न्यूज की चुस्की लेते हुए सुबह की शुरुआत होती है. फिर ब्रेकिंग न्यूज़ की तलाश में एक-दो घंटे बीत जाते हैं. धीरे-धीरे न्यूज़ अपने रंग में आने लगती है, फिर शुरू होता है मनोरंजन का दौर. यहाँ से खबरें काफी पीछे छूट जाती हैं और मसाला आगे आ जाता […]

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जब तक है ON…1%

धीरे-धीरे फोन की बैट्री खत्म होने लगी थी, इसी के साथ-साथ सांसे भी बढ़ने लगी थी। आस पास कहीं भी लाइट का कोई सोर्स नज़र नहीं आ रहा था। सोचा था हम आधुनिक हो गये हैं, लेकिन शायद अभी भी बहुत कुछ अछूता है। खोजबीन के बीच इधर फोन की हालत काफी खराब होने लगी […]

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एक दुख ऐसा भी/ virtual sadness

दुख का कोई निश्चित दायरा नहीं है, आप किसी भी छोटे बड़े कारण पर दुखी हो सकते हैं। आजकल एक नई तरीके का दुख हमें ज्यादा दिखाई दे रहा है। मामला आधुनिकता भरे वर्ल्ड से जुड़ा हुआ है, जिसे सोशल मीडिया भी कहते हैं। एक मित्र ने नया-नया टि्वटर अकाउंट बनाया, लेकिन इस महीने में […]

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