खेला होबे या कोरोना… डर काहे का

भारत विविधताओं का देश है बचपन से पढ़ा था, देखने का अवसर भी मिल गया. उम्मीदों की गाड़ी झारखंड से स्टार्ट की, चलते चलते मोड़ कई आये पर ब्रेक नहीं लगा. पर अचानक एक चौराहे पर कुछ सुरक्षा और कानून व्यवस्था के जवानों ने दस्तक दी, कारण मेरी मुस्कुराहट नहीं थी. चेहरे पर न मास्क […]

Read More खेला होबे या कोरोना… डर काहे का

कोरोना आखिर कब तक

लगभग 5 महीने से स्थिति सामान्य होने की आशा हर दिन कमजोर होती जाती है। अब तो कोरोना के साथ साथ कदमताल करने की नौबत आ गई है। जो नेगेटिव हैं, वह हर दिन बढ़ते आंकड़ों को सिर्फ अपडेट की तरह स्वीकार कर ले रहे हैं। एक दिन में देश के 60,000 से अधिक नागरिक […]

Read More कोरोना आखिर कब तक