आंखें हैं, तो गड़ाना पड़ेगा

आंख गड़ाने के लिए गिने चुने ऐप्स हैं, संख्या कम लग रही. भला हो इंस्टाग्राम रील्स का. कि समय, समय से कट जाता है. वरना सोचो आफत की बात है, 10 बजे सोकर उठे, फिर क्या किया जाए!ब्रश मंजन जल्दी हो जाता है, वाशरूम में भी एक गेम का समय लगता है. अब आगे क्या […]

Read More आंखें हैं, तो गड़ाना पड़ेगा