खेला होबे या कोरोना… डर काहे का

भारत विविधताओं का देश है बचपन से पढ़ा था, देखने का अवसर भी मिल गया. उम्मीदों की गाड़ी झारखंड से स्टार्ट की, चलते चलते मोड़ कई आये पर ब्रेक नहीं लगा. पर अचानक एक चौराहे पर कुछ सुरक्षा और कानून व्यवस्था के जवानों ने दस्तक दी, कारण मेरी मुस्कुराहट नहीं थी. चेहरे पर न मास्क […]

Read More खेला होबे या कोरोना… डर काहे का

हाथरस के पीछे कितने हाथ?

सवाल ये नहीं कि कौन निंदा कर रहा है या कौन राजनीति पर उतारू है? मुद्दा यह है कि आखिर ऐसा क्यों होता है?प्रशासन का रवैया और सरकारों का मत घटना होने के बाद एक सा हो जाता है। एक कड़ी कार्रवाई की सांत्वना देने लगता है, जबकि दूसरा निलबंल का टोकरा उठाने। निर्भया के […]

Read More हाथरस के पीछे कितने हाथ?

Tv debate recipe

पाकिस्तान, हिंदू मुस्लिम, विपक्ष जैसे मुद्दों को सबसे पहले बाजार से चुना जाता है. फिर उसमें थोड़ा कॉन्ट्रोवर्सी की बौछार की जाती है. एक पॉपुलर एंकर के हाथों इसे सजाया जाता है, कुछ अच्छे कंटेंट राइटर से भड़काऊ पंक्तियां और पंच लाइन लिखवाई जाती हैं. इन सब को एडिटिंग के तड़के के साथ थोड़ी देर […]

Read More Tv debate recipe

चुनाव और कोरोना

जिस कोरोना वायरस के 500 से नीचे आंकड़े निकलने पर सब कुछ बंद करने की रणनीति बनने लगी थी। आज की तारीख में हर दिन लगभग 10000 मामले सामने आ रहे हैं, पर अब चेहरे पर शिकन नहीं है। सही बात है ज्यादा चिंता करना सिर के बाल और सर जी का हाल दोनों खराब […]

Read More चुनाव और कोरोना