खेला होबे या कोरोना… डर काहे का

भारत विविधताओं का देश है बचपन से पढ़ा था, देखने का अवसर भी मिल गया. उम्मीदों की गाड़ी झारखंड से स्टार्ट की, चलते चलते मोड़ कई आये पर ब्रेक नहीं लगा. पर अचानक एक चौराहे पर कुछ सुरक्षा और कानून व्यवस्था के जवानों ने दस्तक दी, कारण मेरी मुस्कुराहट नहीं थी. चेहरे पर न मास्क […]

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Tv debate recipe

पाकिस्तान, हिंदू मुस्लिम, विपक्ष जैसे मुद्दों को सबसे पहले बाजार से चुना जाता है. फिर उसमें थोड़ा कॉन्ट्रोवर्सी की बौछार की जाती है. एक पॉपुलर एंकर के हाथों इसे सजाया जाता है, कुछ अच्छे कंटेंट राइटर से भड़काऊ पंक्तियां और पंच लाइन लिखवाई जाती हैं. इन सब को एडिटिंग के तड़के के साथ थोड़ी देर […]

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कला कलम की

लेखक कागज को मोड़कर, शब्दों को जोड़कर अक्सर एक आकार देने निकल पड़ता है। कलम का हाथ थामे ना जाने किन किन रास्तों से होता हुआ, कहां पहुंच जाता है! शब्दों की एक लंबी कतार सी लग जाती है, उनके बीच आवाज तो नहीं होती लेकिन बहुत कुछ सुनाई दे जाता है। धीरे धीरे इन […]

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