माँ #mother’s day

दिखने वालों को #maa में भगवान भी दिखता है.पर अपना प्यार इतना है किअगर बिना बात के जताने लगते हैं तो माँ कहती है क्या हुआ परेशान हो, कोई बात हो गई? हर समस्या का समाधान है माँ.बंजर जिंदगी में लहलहाती खुशी का अरमान है माँमाँ सहारा है, माँ किनारा हैमाँ उम्मीद है कि सब […]

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हाथरस के पीछे कितने हाथ?

सवाल ये नहीं कि कौन निंदा कर रहा है या कौन राजनीति पर उतारू है? मुद्दा यह है कि आखिर ऐसा क्यों होता है?प्रशासन का रवैया और सरकारों का मत घटना होने के बाद एक सा हो जाता है। एक कड़ी कार्रवाई की सांत्वना देने लगता है, जबकि दूसरा निलबंल का टोकरा उठाने। निर्भया के […]

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आखिर क्यों चलती है कलम

ऐसा एक बार नहीं अक्सर होता है, जब लगता है सब कुछ हाथ से छूटता जा रहा है। जब बिना हवा के भी आंधियां चलने लगती हैं और सब कुछ ताश के पत्तों जैसा बिखरता हुआ लगता है। तब मेरे शब्द हर बार मेरा सहारा बनते हैं। कलम चलती है और कमाल हो जाता है। […]

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जब कांटों पर चलना पड़ जाए

हर दिन सुबह खूबसूरत ही नहीं होती, कभी-कभी काले बादल सूर्य की किरणों को ढक देते हैं। हर एक रास्ता सीधा ही नहीं होता, कभी-कभी हमें कांटों पर भी चलना होता है। यहां कांटा देखकर घबराने की या रास्ता बदलने की बात नहीं हो रही है, यहां कांटों पर चलना है और पार जाना है। […]

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Must Cry, when needed

It’s hard to cry. Every time life gives you a moment to cry but never gives space. It is very difficult to find a space just keep crying. Where eyes will full of tears and emotions break out steadily. Actually, sometimes it is very necessary to shed tears, it opens the new chapter and closes […]

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